Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.14.8: पिछले अठारह दिनों में विजय की इच्छा रखने वाला आपका पुत्र प्रतिदिन आपके पास आकर कहता था कि, 'माता! मैं शत्रुओं से युद्ध करने जा रहा हूँ। कृपया मेरे कल्याण के लिए आशीर्वाद दीजिए।'॥8॥ | mahabharat अध्याय 11.14: पाण्डवोंको शाप देनेके लिये उद्यत हुई गान्धारीको व्यासजीका समझाना । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उक्तास्यष्टादशाहानि पुत्रेण जयमिच्छता।
शिवमाशास्व मे मातर्युध्यमानस्य शत्रुभि:॥ ८॥
अनुवाद
पिछले अठारह दिनों में विजय की इच्छा रखने वाला आपका पुत्र प्रतिदिन आपके पास आकर कहता था कि, 'माता! मैं शत्रुओं से युद्ध करने जा रहा हूँ। कृपया मेरे कल्याण के लिए आशीर्वाद दीजिए।'॥8॥
‘In the last eighteen days, your son, who desired victory, used to go to you every day and say, 'Mother! I am going to fight with the enemies. Please bless me for my welfare.'॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥