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स स्नुषामब्रवीत् काले कल्यवादी महातपा:।
शापकालमवाक्षिप्य शमकालमुदीरयन्॥ ६॥
अनुवाद
इसलिए सबके हित का उपदेश देने वाले वे महातपस्वी व्यास समय पर अपनी पुत्रवधू के पास पहुँचे और शाप के अवसर को हटाकर शांति का अवसर उत्पन्न करते हुए इस प्रकार बोले -॥6॥
Therefore, that great ascetic Vyasa, who preaches things for the benefit of all, reached his daughter-in-law on time and, removing the opportunity of the curse and creating an opportunity for peace, spoke thus -॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥