Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.13.7: जो मनुष्य अपने लाभ के विषय में बताए जाने पर भी भले-बुरे का भेद नहीं कर पाता, वह अन्याय का आश्रय लेता है और जब वह महान विपत्ति में पड़ता है, तब शोक करता है ॥7॥ | mahabharat अध्याय 11.13: श्रीकृष्णका धृतराष्ट्रको फटकारकर उनका क्रोध शान्त करना और धृतराष्ट्रका पाण्डवोंको हृदयसे लगाना । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य अपने लाभ के विषय में बताए जाने पर भी भले-बुरे का भेद नहीं कर पाता, वह अन्याय का आश्रय लेता है और जब वह महान विपत्ति में पड़ता है, तब शोक करता है ॥7॥
'He who, despite being told about his benefits, is unable to distinguish between good and bad, resorts to injustice and grieves when he falls into a great calamity. ॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥