Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.13.4: भरतनन्दन! यह बात मैंने उसी समय तुमसे कही थी, भीष्म, द्रोणाचार्य, विदुर और संजय ने भी तुम्हें समझाया था। राजन! परन्तु तुमने किसी की बात नहीं मानी॥4॥ | mahabharat अध्याय 11.13: श्रीकृष्णका धृतराष्ट्रको फटकारकर उनका क्रोध शान्त करना और धृतराष्ट्रका पाण्डवोंको हृदयसे लगाना । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उक्तवांस्त्वां तदैवाहं भीष्मद्रोणौ च भारत।
विदुर: संजयश्चैव वाक्यं राजन् न तत् कृथा:॥ ४॥
अनुवाद
भरतनन्दन! यह बात मैंने उसी समय तुमसे कही थी, भीष्म, द्रोणाचार्य, विदुर और संजय ने भी तुम्हें समझाया था। राजन! परन्तु तुमने किसी की बात नहीं मानी॥4॥
‘Bharatanandan! I had told you this at that time itself, Bhishma, Dronacharya, Vidur and Sanjaya also explained it to you. King! But you did not listen to anyone.॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥