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mahabharat 11.13.13: महाबाहु! माधव! आप जो कह रहे हैं, वह तो ठीक है; परंतु पुत्र-मोह बहुत प्रबल होता है, जिससे मेरा धैर्य टूट गया॥13॥   |   mahabharat अध्याय 11.13: श्रीकृष्णका धृतराष्ट्रको फटकारकर उनका क्रोध शान्त करना और धृतराष्ट्रका पाण्डवोंको हृदयसे लगाना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  11.13.13 
एवमेतन्महाबाहो यथा वदसि माधव।
पुत्रस्नेहस्तु बलवान् धैर्यान्मां समचालयत्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
महाबाहु! माधव! आप जो कह रहे हैं, वह तो ठीक है; परंतु पुत्र-मोह बहुत प्रबल होता है, जिससे मेरा धैर्य टूट गया॥13॥
 
'Mahabahu! Madhava! It is exactly as you are saying; but the love for one's son is very strong and it made me lose my patience.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)