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mahabharat 11.12.5: भरतश्रेष्ठ! गंगाजी के तट पर पहुँचकर युधिष्ठिर ने कुररी के समान बहुत-सी स्त्रियों के समूहों को जोर-जोर से विलाप करते देखा॥5॥   |   mahabharat अध्याय 11.12: पाण्डवोंका धृतराष्ट्रसे मिलना, धृतराष्ट्रके द्वारा भीमकी लोहमयी प्रतिमाका भंग होना और शोक करनेपर श्रीकृष्णका उन्हें समझाना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 12: पाण्डवोंका धृतराष्ट्रसे मिलना, धृतराष्ट्रके द्वारा भीमकी लोहमयी प्रतिमाका भंग होना और शोक करनेपर श्रीकृष्णका उन्हें समझाना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  11.12.5 
स गङ्गामनु वृन्दानि स्त्रीणां भरतसत्तम।
कुररीणामिवार्तानां क्रोशन्तीनां ददर्श ह॥ ५॥
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! गंगाजी के तट पर पहुँचकर युधिष्ठिर ने कुररी के समान बहुत-सी स्त्रियों के समूहों को जोर-जोर से विलाप करते देखा॥5॥
 
Bharatshrestha! After reaching the banks of Ganga, Yudhishthir saw many groups of women wailing loudly like Kurri. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)