श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 12: पाण्डवोंका धृतराष्ट्रसे मिलना, धृतराष्ट्रके द्वारा भीमकी लोहमयी प्रतिमाका भंग होना और शोक करनेपर श्रीकृष्णका उन्हें समझाना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  11.12.3 
अन्वीयमानो वीरेण दाशार्हेण महात्मना।
युयुधानेन च तथा तथैव च युयुत्सुना॥ ३॥
 
 
अनुवाद
उस समय दशार्ह कुलनन्दन, वीर महात्मा श्रीकृष्ण, सात्यकि तथा युयुत्सु भी उनके पीछे चल दिये। 3॥
 
At that time Dasharha Kulanandan, brave Mahatma Shri Krishna, Satyaki and Yuyutsu also followed him. 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)