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mahabharat 11.12.16: सर्वज्ञ और बुद्धिमान भगवान श्रीकृष्ण ने पहले ही उसका अभिप्राय जान लिया था, इसलिए उन्होंने वहाँ यह व्यवस्था कर दी थी॥16॥   |   mahabharat अध्याय 11.12: पाण्डवोंका धृतराष्ट्रसे मिलना, धृतराष्ट्रके द्वारा भीमकी लोहमयी प्रतिमाका भंग होना और शोक करनेपर श्रीकृष्णका उन्हें समझाना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 12: पाण्डवोंका धृतराष्ट्रसे मिलना, धृतराष्ट्रके द्वारा भीमकी लोहमयी प्रतिमाका भंग होना और शोक करनेपर श्रीकृष्णका उन्हें समझाना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  11.12.16 
प्रागेव तु महाबुद्धिर्बुद्‍ध्वा तस्येङ्गितं हरि:।
संविधानं महाप्राज्ञस्तत्र चक्रे जनार्दन:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
सर्वज्ञ और बुद्धिमान भगवान श्रीकृष्ण ने पहले ही उसका अभिप्राय जान लिया था, इसलिए उन्होंने वहाँ यह व्यवस्था कर दी थी॥16॥
 
The all-knowing and intelligent Lord Sri Krishna had already known about his intention and so had made this arrangement there.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)