श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 10: स्त्रियों और प्रजाके लोगोंके सहित राजा धृतराष्ट्रका रणभूमिमें जानेके लिये नगरसे बाहर निकलना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  11.10.2 
धृतराष्ट्र उवाच
शीघ्रमानय गान्धारीं सर्वाश्च भरतस्त्रिय:।
वधूं कुन्तीमुपादाय याश्चान्यास्तत्र योषित:॥ २॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने कहा, "गांधारी तथा भरतवंश की अन्य सभी स्त्रियों को शीघ्रता से ले आओ। वधू कुंती को भी साथ ले जाओ तथा वहाँ उपस्थित अन्य स्त्रियों को भी बुलाओ।"
 
Dhritarashtra said, "Bring Gandhari and all the other women of the Bharata clan quickly. Take the bride Kunti along with you and call the other women who are there as well."
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas