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mahabharat 11.10.13: शोक के कारण उसका ज्ञान लुप्त हो गया था। वह रोती-चिल्लाती इधर-उधर दौड़ रही थी। उसे कोई कर्तव्य याद नहीं आ रहा था॥13॥   |   mahabharat अध्याय 11.10: स्त्रियों और प्रजाके लोगोंके सहित राजा धृतराष्ट्रका रणभूमिमें जानेके लिये नगरसे बाहर निकलना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  11.10.13 
विलपन्त्यो रुदत्यश्च धावमानास्ततस्तत:।
शोकेनोपहतज्ञाना: कर्तव्यं न प्रजज्ञिरे॥ १३॥
 
 
अनुवाद
शोक के कारण उसका ज्ञान लुप्त हो गया था। वह रोती-चिल्लाती इधर-उधर दौड़ रही थी। उसे कोई कर्तव्य याद नहीं आ रहा था॥13॥
 
Her knowledge had vanished due to grief. She was running here and there weeping and wailing. She could not think of any duty.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)