Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 11.1.3: मैंने अश्वत्थामा के कर्मों के विषय में श्रीकृष्ण से प्राप्त हुए शापों तक और पाण्डवों को अश्वत्थामा से प्राप्त हुए शापों तक सुना है। अब उसके बाद की कथा मुझे सुनाइए, संजय ने धृतराष्ट्र से क्या कहा?॥3॥   |   mahabharat अध्याय 11.1: धृतराष्ट्रका विलाप और संजयका उनको सान्त्वना देना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 1: धृतराष्ट्रका विलाप और संजयका उनको सान्त्वना देना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  11.1.3 
अश्वत्थाम्न: श्रुतं कर्म शापादन्योन्यकारितात्।
वृत्तान्तमुत्तरं ब्रूहि यदभाषत संजय:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
मैंने अश्वत्थामा के कर्मों के विषय में श्रीकृष्ण से प्राप्त हुए शापों तक और पाण्डवों को अश्वत्थामा से प्राप्त हुए शापों तक सुना है। अब उसके बाद की कथा मुझे सुनाइए, संजय ने धृतराष्ट्र से क्या कहा?॥3॥
 
I have heard about Ashwatthama's deeds till the curses he received from Shri Krishna and the Pandavas received from Ashwatthama. Now tell me the story after that, what did Sanjaya say to Dhritarashtra?॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)