श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 1: धृतराष्ट्रका विलाप और संजयका उनको सान्त्वना देना  »  श्लोक 18-19h
 
 
श्लोक  11.1.18-19h 
नूनं व्यपकृतं किंचिन्मया पूर्वेषु जन्मसु॥ १८॥
येन मां दु:खभागेषु धाता कर्मसु युक्तवान्।
 
 
अनुवाद
अवश्य ही मैंने पूर्वजन्मों में कोई महान पाप किया होगा, जिसके कारण विधाता ने मुझे ये दुःखदायी कार्य सौंपे हैं ॥18 1/2॥
 
I must have committed some great sin in my previous lives, due to which the Creator has assigned me these sorrowful tasks. ॥ 18 1/2 ॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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