Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.1.12: महामते! मेरा राज्य छीन लिया गया, मेरे सगे-संबंधी मारे गए और मेरी आँखें तो पहले ही फोड़ दी गई थीं। अब मैं इस संसार में क्षीण किरणों वाले सूर्य की तरह चमक नहीं पाऊँगा। | mahabharat अध्याय 11.1: धृतराष्ट्रका विलाप और संजयका उनको सान्त्वना देना । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हृतराज्यो हतबन्धुर्हतचक्षुश्च वै तथा।
न भ्राजिष्ये महाप्राज्ञ क्षीणरश्मिरिवांशुमान्॥ १२॥
अनुवाद
महामते! मेरा राज्य छीन लिया गया, मेरे सगे-संबंधी मारे गए और मेरी आँखें तो पहले ही फोड़ दी गई थीं। अब मैं इस संसार में क्षीण किरणों वाले सूर्य की तरह चमक नहीं पाऊँगा।
Mahamate! My kingdom was snatched away, my relatives were killed and my eyes had already been destroyed. Now I will not shine in this world like the sun with weak rays.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥