श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  10.9.61 
एवमेष क्षयो वृत्त: कुरुपाण्डवसेनयो:।
घोरो विशसनो रौद्रो राजन् दुर्मन्त्रिते तव॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! इस प्रकार आपकी कुमन्त्रणा से कौरवों और पाण्डवों की सेनाओं का यह भयंकर और भयंकर संहार हुआ है॥ 61॥
 
O King! Thus, due to your evil advice, this terrible and dreadful destruction of the armies of the Kauravas and the Pandavas has been accomplished. ॥ 61॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)