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mahabharat 10.9.6-7h: दुर्योधन को रक्त से लथपथ भूमि पर पड़ा देख, मृत्यु से बचे हुए सात्वतवंशी तीनों वीर अश्वत्थामा, कृपाचार्य और कृतवर्मा शोक से व्याकुल होकर उसे तीन ओर से घेरकर बैठ गए ॥6 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 10.9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना  »  श्लोक 6-7h
 
 
श्लोक  10.9.6-7h 
तं शयानं तथा दृष्ट्वा भूमौ सुरुधिरोक्षितम्।
हतशिष्टास्त्रयो वीरा: शोकार्ता: पर्यवारयन्॥ ६॥
अश्वत्थामा कृपश्चैव कृतवर्मा च सात्वत:।
 
 
अनुवाद
दुर्योधन को रक्त से लथपथ भूमि पर पड़ा देख, मृत्यु से बचे हुए सात्वतवंशी तीनों वीर अश्वत्थामा, कृपाचार्य और कृतवर्मा शोक से व्याकुल होकर उसे तीन ओर से घेरकर बैठ गए ॥6 1/2॥
 
Seeing Duryodhana lying on the ground drenched in blood, the three brave men, Ashwatthama, Kripacharya and Kritavarma of Satvatvanshi, who were saved from death, were distraught with grief and sat surrounding him from three sides. 6 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)