Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.9.59: मरने से पहले दुर्योधन ने तीनों वीरों को गले लगाया और उन्होंने भी राजा को गले लगाकर विदा किया। फिर वे बार-बार उसकी ओर देखते हुए अपने रथों पर सवार हो गए। | mahabharat अध्याय 10.9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तथैव ते परिष्वक्ता: परिष्वज्य च ते नृपम्।
पुन: पुन: प्रेक्षमाणा: स्वकानारुरुहू रथान्॥ ५९॥
अनुवाद
मरने से पहले दुर्योधन ने तीनों वीरों को गले लगाया और उन्होंने भी राजा को गले लगाकर विदा किया। फिर वे बार-बार उसकी ओर देखते हुए अपने रथों पर सवार हो गए।
Before dying, Duryodhana embraced the three heroes and they too embraced the king and bid him farewell. Then they rode their chariots while looking at him again and again.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥