श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना  »  श्लोक 50
 
 
श्लोक  10.9.50 
द्रौपदेया हता: सर्वे धृष्टद्युम्नस्य चात्मजा:।
पञ्चाला निहता: सर्वे मत्स्यशेषं च भारत॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
हे भरतपुत्र! द्रौपदी और धृष्टद्युम्न के सब पुत्र मारे गए, समस्त पांचालों का नाश हो गया और मत्स्य देश की बची हुई सेना भी नष्ट हो गई॥50॥
 
O son of Bharata! All the sons of Draupadi and Dhrishtadyumna were killed, all the Panchalas were annihilated and the remaining army of Matsya country was also destroyed. ॥ 50॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)