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mahabharat 10.9.44-45h: महारथी राजा बाह्लीक, सिंधु के राजा जयद्रथ, सोमदत्त और भूरिश्रवाक को भी मुझे गले लगाना चाहिए।   |   mahabharat अध्याय 10.9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना  »  श्लोक 44-45h
 
 
श्लोक  10.9.44-45h 
परिष्वजेथा राजानं बाह्लिकं सुमहारथम्॥ ४४॥
सैन्धवं सोमदत्तं च भूरिश्रवसमेव च।
 
 
अनुवाद
महारथी राजा बाह्लीक, सिंधु के राजा जयद्रथ, सोमदत्त और भूरिश्रवाक को भी मुझे गले लगाना चाहिए।
 
‘Maharathi King Bahlik, King Jayadratha of Sindhu, Somadatta and Bhurishravaaka should also embrace me.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)