Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.9.22: आप तो सम्पूर्ण धर्मों के ज्ञाता थे। उस मूर्ख, नीच और पापी भीमसेन ने छल से आपको कैसे मार डाला? काल का उल्लंघन करना निःसंदेह अत्यन्त कठिन है॥ 22॥ | mahabharat अध्याय 10.9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कथं त्वां सर्वधर्मज्ञं क्षुद्र: पापो वृकोदर:।
निकृत्या हतवान् मन्दो नूनं कालो दुरत्यय:॥ २२॥
अनुवाद
आप तो सम्पूर्ण धर्मों के ज्ञाता थे। उस मूर्ख, नीच और पापी भीमसेन ने छल से आपको कैसे मार डाला? काल का उल्लंघन करना निःसंदेह अत्यन्त कठिन है॥ 22॥
You were the knower of all the Dharmas. How did that foolish, mean and sinful Bhimasena kill you by deceit? It is certainly very difficult to transgress time.॥ 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥