श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  10.9.18 
संजय उवाच
तं शयानं कुरुश्रेष्ठं ततो भरतसत्तम।
अश्वत्थामा समालोक्य करुणं पर्यदेवयत्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- भरतश्रेष्ठ! तत्पश्चात कुरुकुलभूषण दुर्योधन को युद्धशय्या पर लेटा हुआ देखकर अश्वत्थामा इस प्रकार करुण विलाप करने लगा-॥18॥
 
Sanjay says- Bharatshrestha! Thereafter, seeing Kurukula-Bhushan Duryodhana lying on the battle bed, Ashwatthama began to mourn pitifully like this -॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)