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श्री महाभारत
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पर्व 10: सौप्तिक पर्व
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अध्याय 9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना
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श्लोक 17
श्लोक
10.9.17
उपासत द्विजा: पूर्वमर्थहेतोर्यमीश्वरम्।
उपासते च तं ह्यद्य क्रव्यादा मांसहेतव:॥ १७॥
अनुवाद
पहले बहुत से ब्राह्मण धन कमाने के लिए राजाओं के पास बैठते थे, परन्तु आज मांसाहारी पशु मांस के लिए उन्हीं राजाओं के पास बैठते हैं ॥17॥
Earlier many brahmins used to sit near the kings for earning wealth but today carnivorous animals are sitting near the same kings for meat.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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