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mahabharat 10.9.15: जो कुरु राजा पूर्वकाल में युद्ध में शत्रुओं को मारकर भूमि पर सोते थे, वही अब शत्रुओं द्वारा मारे जाने पर भूमि पर सो रहे हैं ॥15॥   |   mahabharat अध्याय 10.9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना   ।   mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 9: दुर्योधनकी दशा देखकर कृपाचार्य और अश्वत्थामाका विलाप तथा उनके मुखसे पांचालोंके वधका वृत्तान्त जानकर दुर्योधनका प्रसन्न होकर प्राणत्याग करना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  10.9.15 
येनाजौ निहता भूमावशेरत पुरा द्विष:।
स भूमौ निहत: शेते कुरुराज: परैरयम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
जो कुरु राजा पूर्वकाल में युद्ध में शत्रुओं को मारकर भूमि पर सोते थे, वही अब शत्रुओं द्वारा मारे जाने पर भूमि पर सो रहे हैं ॥15॥
 
The same Kuru kings who in the past used to sleep on the ground after killing their enemies in war, are now sleeping on the ground after being killed by their enemies. ॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)