vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 10: सौप्तिक पर्व
»
अध्याय 5: अश्वत्थामा और कृपाचार्यका संवाद तथा तीनोंका पाण्डवोंके शिविरकी ओर प्रस्थान
»
श्लोक 39
श्लोक
10.5.39
ते प्रयाता व्यरोचन्त परानभिमुखास्त्रय:।
हूयमाना यथा यज्ञे समिद्धा हव्यवाहना:॥ ३९॥
अनुवाद
शत्रुओं की ओर जाते हुए वे तीनों तेजस्वी योद्धा यज्ञ में प्रज्वलित तीन अग्नियों के समान चमक रहे थे ॥39॥
While going towards the enemies, those three brilliant warriors were shining like three fires that were lit after being sacrificed in a yagya. 39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×