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तथा शान्तनवो भीष्मो न्यस्तशस्त्रो निरायुध:।
शिखण्डिनं पुरस्कृत्य हतो गाण्डीवधन्वना॥ २१॥
अनुवाद
इसी प्रकार जब शान्तनु पुत्र भीष्म ने अपने हथियार छोड़ दिये और निःशस्त्र हो गये, उस स्थिति में गाण्डीवधारी धनंजय ने शिखण्डी को आगे भेजकर उनका वध कर दिया।
In the same way when Shantanu's son Bhishma dropped his weapons and became weaponless, in that condition Dhananjaya, wielding the Gandiva, killed him by sending Shikhandi ahead.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥