श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 5: अश्वत्थामा और कृपाचार्यका संवाद तथा तीनोंका पाण्डवोंके शिविरकी ओर प्रस्थान  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  10.5.16 
त्वं पुन: सूर्यसंकाश: श्वोभूत उदिते रवौ।
प्रकाशे सर्वभूतानां विजेता युधि शात्रवान्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
कल प्रातःकाल जब सूर्य उदय होगा तब तुम सूर्य के समान प्रकाशित होकर प्रकाश में युद्ध करोगे और समस्त प्राणियों के सामने अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करोगे॥16॥
 
Tomorrow morning when the sun rises you will shine like the Sun and wage war in the light and conquer your enemies in front of all beings.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)