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श्री महाभारत
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पर्व 10: सौप्तिक पर्व
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अध्याय 2: कृपाचार्यका अश्वत्थामाको दैवकी प्रबलता बताते हुए कर्तव्यके विषयमें सत्पुरुषोंसे सलाह लेनेकी प्रेरणा देना
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श्लोक 19
श्लोक
10.2.19
हीनं पुरुषकारेण यदि दैवेन वा पुन:।
कारणाभ्यामथैताभ्यामुत्थानमफलं भवेत्॥ १९॥
अनुवाद
ईश्वर-प्रयत्न रहित या ईश्वर-रहित-इन दो कारणों से मनुष्य का उद्योग निष्फल हो जाता है ॥19॥
God without effort or Godless effort - due to these two reasons man's industry becomes fruitless. 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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