प्रायशो हि कृतं कर्म नाफलं दृश्यते भुवि।
अकृत्वा च पुनर्दु:खं कर्म पश्येन्महाफलम्॥ १३॥
अनुवाद
सामान्यतः इस पृथ्वी पर किया गया कर्म कभी निष्फल नहीं देखा जाता; परंतु कर्म न करने से दुःख ही देखा जाता है; अतः कर्म को बहुत ही फलदायी समझना चाहिए॥13॥
Generally, the work done on this earth is never seen to be fruitless; but by not doing work, only suffering is seen; hence work should be considered to be very fruitful.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥