श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 17: अपने समस्त पुत्रों और सैनिकोंके मारे जानेके विषयमें युधिष्ठिरका श्रीकृष्णसे पूछना और उत्तरमें श्रीकृष्णके द्वारा महादेवजीकी महिमाका प्रतिपादन  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  10.17.18 
ततस्ताभ्यो ददावन्नमोषधी: स्थावराणि च।
जङ्गमानि च भूतानि दुर्बलानि बलीयसाम्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
तब ब्रह्माजी ने इन लोगों को आहार के लिए अन्न और औषधि आदि स्थावर पदार्थ प्रदान किए और अत्यन्त बलवान हिंसक पशुओं के लिए केवल दुर्बल गतिमान प्राणियों को ही आहार के रूप में निर्धारित किया॥18॥
 
Then Lord Brahma provided these people with immovable things like food and medicine for their sustenance and for the very strong ferocious animals he prescribed only weak mobile creatures as food.॥ 18॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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