श्री महाभारत  »  पर्व 10: सौप्तिक पर्व  »  अध्याय 16: श्रीकृष्णसे शाप पाकर अश्वत्थामाका वनको प्रस्थान तथा पाण्डवोंका मणि देकर द्रौपदीको शान्त करना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  10.16.19 
अश्वत्थामोवाच
सहैव भवता ब्रह्मन् स्थास्यामि पुरुषेष्विह।
सत्यवागस्तु भगवानयं च पुरुषोत्तम:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
अश्वत्थामा ने कहा- ब्रह्मन्! अब मैं मनुष्यों के बीच तुम्हारे साथ ही रहूँगा। इन भगवान पुरुषोत्तम के वचन सत्य हों। 19॥
 
Ashwatthama said – Brahmin! Now I will live only with you among humans. May the words of this Lord Purushottam be true. 19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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