Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.15.9: अर्जुन ने ब्रह्मचर्य और व्रतों का पालन करके उस दुर्लभ अस्त्र को प्राप्त किया था। बड़े-बड़े संकटों के आने पर भी उन्होंने उस अस्त्र का प्रयोग नहीं किया॥9॥ | mahabharat अध्याय 10.15: वेदव्यासजीकी आज्ञासे अर्जुनके द्वारा अपने अस्त्रका उपसंहार तथा अश्वत्थामाका अपनी मणि देकर पाण्डवोंके गर्भोंपर दिव्यास्त्र छोड़ना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अर्जुन ने ब्रह्मचर्य और व्रतों का पालन करके उस दुर्लभ अस्त्र को प्राप्त किया था। बड़े-बड़े संकटों के आने पर भी उन्होंने उस अस्त्र का प्रयोग नहीं किया॥9॥
Arjuna had obtained that rare weapon by remaining celibate and observing fasts. He never used that weapon even when faced with the greatest of crises.॥9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥