Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.15.28: अश्वत्थामा ने कहा, "पाण्डवों ने जितने भी रत्न प्राप्त किये हैं तथा कौरवों ने जो भी धन प्राप्त किया है, उनमें से मेरा यह रत्न सबसे अधिक मूल्यवान है।" | mahabharat अध्याय 10.15: वेदव्यासजीकी आज्ञासे अर्जुनके द्वारा अपने अस्त्रका उपसंहार तथा अश्वत्थामाका अपनी मणि देकर पाण्डवोंके गर्भोंपर दिव्यास्त्र छोड़ना । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अश्वत्थामा ने कहा, "पाण्डवों ने जितने भी रत्न प्राप्त किये हैं तथा कौरवों ने जो भी धन प्राप्त किया है, उनमें से मेरा यह रत्न सबसे अधिक मूल्यवान है।"
Ashvatthama said, "Of all the gems that the Pandavas have obtained and of all the wealth that the Kauravas have found here, this gem of mine is the most valuable." 28.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥