Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 10.11.13: हे पार्थ! पापी द्रोणपुत्र ने मेरे सोए हुए पुत्रों को मार डाला, यह सुनकर मैं उसी प्रकार शोक से पीड़ित हो रहा हूँ, जैसे अग्नि अपनी नींव की लकड़ी को जला देती है॥13॥ | mahabharat अध्याय 10.11: युधिष्ठिरका शोकमें व्याकुल होना, द्रौपदीका विलाप तथा द्रोणकुमारके वधके लिये आग्रह, भीमसेनका अश्वत्थामाको मारनेके लिये प्रस्थान । mahabharat पर्व 10: सौप्तिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे पार्थ! पापी द्रोणपुत्र ने मेरे सोए हुए पुत्रों को मार डाला, यह सुनकर मैं उसी प्रकार शोक से पीड़ित हो रहा हूँ, जैसे अग्नि अपनी नींव की लकड़ी को जला देती है॥13॥
Partha, on hearing that my sleeping sons were killed by the sinful son of Drona, I am afflicted with grief just as a fire consumes its very foundation wood.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥