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mahabharat 1.99.9: वह गौ सम्पूर्ण जगत् को अनुग्रह प्रदान करने वाली तथा समस्त कामनाओं को पूर्ण करने वाली गायों में श्रेष्ठ थी। वरुणपुत्र धर्मात्मा वसिष्ठ ने उस गौ को होम धेनु के रूप में ग्रहण किया॥9॥   |   mahabharat अध्याय 1.99: महर्षि वसिष्ठद्वारा वसुओंको शाप प्राप्त होनेकी कथा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 99: महर्षि वसिष्ठद्वारा वसुओंको शाप प्राप्त होनेकी कथा  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  1.99.9 
अनुग्रहार्थं जगत: सर्वकामदुहां वरा।
तां लेभे गां तु धर्मात्मा होमधेनुं स वारुणि:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
वह गौ सम्पूर्ण जगत् को अनुग्रह प्रदान करने वाली तथा समस्त कामनाओं को पूर्ण करने वाली गायों में श्रेष्ठ थी। वरुणपुत्र धर्मात्मा वसिष्ठ ने उस गौ को होम धेनु के रूप में ग्रहण किया॥9॥
 
That cow appeared to bestow grace on the entire world and was the best among those who granted all wishes. Dharmatma Vasishtha, son of Varuna, received that cow as his homa dhenu.॥9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)