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श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 99: महर्षि वसिष्ठद्वारा वसुओंको शाप प्राप्त होनेकी कथा  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  1.99.46 
वैशम्पायन उवाच
एतदाख्याय सा देवी तत्रैवान्तरधीयत।
आदाय च कुमारं तं जगामाथ यथेप्सितम्॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायन कहते हैं - 'जनमेजय! यह सब बातें कहकर देवी गंगा उस नवजात शिशु को अपने साथ लेकर वहाँ से अन्तर्धान हो गईं और अपने अभीष्ट स्थान को चली गईं।
 
Vaishmpayana says - 'Janamejaya! After telling all these things, Goddess Ganga took the new born child with her and disappeared from there itself and went to her desired destination.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)