श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 99: महर्षि वसिष्ठद्वारा वसुओंको शाप प्राप्त होनेकी कथा  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  1.99.45 
अयं शापादृषेस्तस्य एक एव नृपोत्तम।
द्यौ राजन् मानुषे लोके चिरं वत्स्यति भारत॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
भारत श्रेष्ठ! महर्षि के शाप के कारण यह एकमात्र दम्पति दीर्घकाल तक मनुष्य लोक में निवास करेगा॥45॥
 
India The best! Due to the curse of Maharishi, this only couple will reside in the human world for a long time. 45॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)