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mahabharat 1.99.31: तब उन्होंने दिव्य दृष्टि से देखा और जान लिया कि वसुओं ने उसका अपहरण कर लिया है। तब वे क्रोधित हो उठे और तुरंत वसुओं को शाप दे दिया।   |   mahabharat अध्याय 1.99: महर्षि वसिष्ठद्वारा वसुओंको शाप प्राप्त होनेकी कथा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 99: महर्षि वसिष्ठद्वारा वसुओंको शाप प्राप्त होनेकी कथा  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  1.99.31 
ज्ञात्वा तथापनीतां तां वसुभिर्दिव्यदर्शन:।
ययौ क्रोधवशं सद्य: शशाप च वसूंस्तदा॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
तब उन्होंने दिव्य दृष्टि से देखा और जान लिया कि वसुओं ने उसका अपहरण कर लिया है। तब वे क्रोधित हो उठे और तुरंत वसुओं को शाप दे दिया।
 
Then he saw with divine sight and realized that the Vasus had kidnapped her. Then he became overcome with anger and immediately cursed the Vasus.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)