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mahabharat 1.99.12: वे अपनी-अपनी पत्नियों के साथ उस वन में विचरण करने लगे और सुन्दर पर्वतों तथा वनों का आनन्द लेने लगे॥12॥   |   mahabharat अध्याय 1.99: महर्षि वसिष्ठद्वारा वसुओंको शाप प्राप्त होनेकी कथा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 99: महर्षि वसिष्ठद्वारा वसुओंको शाप प्राप्त होनेकी कथा  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.99.12 
ते सदारा वनं तच्च व्यचरन्त समन्तत:।
रेमिरे रमणीयेषु पर्वतेषु वनेषु च॥ १२॥
 
 
अनुवाद
वे अपनी-अपनी पत्नियों के साथ उस वन में विचरण करने लगे और सुन्दर पर्वतों तथा वनों का आनन्द लेने लगे॥12॥
 
Along with their wives, they began to wander about in that forest and enjoy the beautiful mountains and forests.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)