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mahabharat 1.98.d4: तब राजा शांतनु ने देवी गंगा को रथ पर बिठाया और उनके साथ अपनी राजधानी की ओर चल पड़े। देवी गंगा, जो दूसरी देवी लक्ष्मी के समान थीं, शांतनु के साथ चल पड़ीं।   |   mahabharat अध्याय 1.98: शान्तनु और गंगाका कुछ शर्तोंके साथ सम्बन्ध, वसुओंका जन्म और शापसे उद्धार तथा भीष्मकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.98.d4 
(रथमारोप्य तां देवीं जगाम स तया सह।
सा च शान्तनुमभ्यागात् साक्षाल्लक्ष्मीरिवापरा॥ )
 
 
अनुवाद
तब राजा शांतनु ने देवी गंगा को रथ पर बिठाया और उनके साथ अपनी राजधानी की ओर चल पड़े। देवी गंगा, जो दूसरी देवी लक्ष्मी के समान थीं, शांतनु के साथ चल पड़ीं।
 
Then King Shantanu seated Goddess Ganga on the chariot and went with her to his capital. Goddess Ganga, who looked like another goddess Lakshmi, went with Shantanu.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)