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mahabharat 1.98.21: अतः इन वसुओं की माता बनने के लिए मैं मानव रूप में आई हूँ। हे राजन! आपने आठ वसुओं को जन्म देकर अक्षय लोक जीता है।   |   mahabharat अध्याय 1.98: शान्तनु और गंगाका कुछ शर्तोंके साथ सम्बन्ध, वसुओंका जन्म और शापसे उद्धार तथा भीष्मकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 98: शान्तनु और गंगाका कुछ शर्तोंके साथ सम्बन्ध, वसुओंका जन्म और शापसे उद्धार तथा भीष्मकी उत्पत्ति  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  1.98.21 
तस्मात् तज्जननीहेतोर्मानुषत्वमुपागता।
जनयित्वा वसूनष्टौ जिता लोकास्त्वयाक्षया:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
अतः इन वसुओं की माता बनने के लिए मैं मानव रूप में आई हूँ। हे राजन! आपने आठ वसुओं को जन्म देकर अक्षय लोक जीता है।
 
Therefore, to become the mother of these Vasus, I came in human form. O King! You have won Akshay Loka by giving birth to eight Vasus.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)