Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.98.10: जिस प्रकार देवी गंगा अपनी काम-कुशलता और प्रेम-कौशल से राजा को प्रसन्न करती थीं, उसी प्रकार वह भी उनसे स्वयं को प्रसन्न करता था ॥10॥ | mahabharat अध्याय 1.98: शान्तनु और गंगाका कुछ शर्तोंके साथ सम्बन्ध, वसुओंका जन्म और शापसे उद्धार तथा भीष्मकी उत्पत्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस प्रकार देवी गंगा अपनी काम-कुशलता और प्रेम-कौशल से राजा को प्रसन्न करती थीं, उसी प्रकार वह भी उनसे स्वयं को प्रसन्न करता था ॥10॥
Just as Goddess Ganga used to pleasure the King with her sexual skills and love making skills, he used to pleasure himself with her in the same manner. ॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥