Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.97.5: स्त्री बोली - हे राजन! मैं आपको ही चाहती हूँ। मैं आप पर स्नेह करती हूँ, अतः आप मुझे स्वीकार करें; क्योंकि पुण्यात्मा पुरुषों ने काम के वशीभूत होकर अपने पास आई हुई स्त्रियों का परित्याग करना निन्दनीय समझा है। | mahabharat अध्याय 1.97: राजा प्रतीपका गंगाको पुत्रवधूके रूपमें स्वीकार करना और शान्तनुका जन्म, राज्याभिषेक तथा गंगासे मिलना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स्त्री बोली - हे राजन! मैं आपको ही चाहती हूँ। मैं आप पर स्नेह करती हूँ, अतः आप मुझे स्वीकार करें; क्योंकि पुण्यात्मा पुरुषों ने काम के वशीभूत होकर अपने पास आई हुई स्त्रियों का परित्याग करना निन्दनीय समझा है।
The woman said - O King! I want you only. I have affection for you, so please accept me; because the virtuous men have considered it condemnable to abandon the women who come to them under the influence of lust. 5.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥