Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.96.22: परन्तु मृत्युलोक में उसकी कोई सन्तान नहीं होगी। अतः तुम्हारा पुत्र निःसंतान होते हुए भी बहुत शक्तिशाली होगा ॥22॥   |   mahabharat अध्याय 1.96: महाभिषको ब्रह्माजीका शाप तथा शापग्रस्त वसुओंके साथ गंगाकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 96: महाभिषको ब्रह्माजीका शाप तथा शापग्रस्त वसुओंके साथ गंगाकी बातचीत  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  1.96.22 
न सम्पत्स्यति मर्त्येषु पुनस्तस्य तु संतति:।
तस्मादपुत्र: पुत्रस्ते भविष्यति स वीर्यवान्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
परन्तु मृत्युलोक में उसकी कोई सन्तान नहीं होगी। अतः तुम्हारा पुत्र निःसंतान होते हुए भी बहुत शक्तिशाली होगा ॥22॥
 
But he will not have any children in the mortal world. Therefore, your son will be very powerful despite being childless. ॥22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)