श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 95: दक्ष प्रजापतिसे लेकर पूरुवंश, भरतवंश एवं पाण्डुवंशकी परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 86
 
 
श्लोक  1.95.86 
भवतो वपुष्टमायां द्वौ पुत्रौ जज्ञाते; शतानीक: शङ्कुकर्णश्च। शतानीकस्य वैदेह्यां पुत्र उत्पन्नोऽश्व-मेधदत्त इति॥ ८६॥
 
 
अनुवाद
आपकी पत्नी वपुष्टमा ने दो पुत्रों को जन्म दिया - शतानीक और शंकुकर्ण। शतानीक की पत्नी विदेह राजकुमारी से उत्पन्न पुत्र का नाम अश्वमेधदत्त है। 86.
 
Your wife Vapustama gave birth to two sons- Shatanik and Shankukarna. The name of the son born to Shatanik's wife Videha princess is Ashwamedhadatta. 86.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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