श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 95: दक्ष प्रजापतिसे लेकर पूरुवंश, भरतवंश एवं पाण्डुवंशकी परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 74
 
 
श्लोक  1.95.74 
तत्र द्रौपदीं भार्यामविन्दन्, स्वविषयं चाभिजग्मु:॥ ७४॥
 
 
अनुवाद
वहां पांडवों ने द्रौपदी को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया और फिर अपनी राजधानी हस्तिनापुर लौट आये।
 
There the Pandavas received Draupadi as their wife and then returned to their capital Hastinapur.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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