श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 95: दक्ष प्रजापतिसे लेकर पूरुवंश, भरतवंश एवं पाण्डुवंशकी परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  1.95.72 
तस्माच्च हिडिम्बमन्तरा हत्वा एकचक्रां गता:॥ ७२॥
 
 
अनुवाद
पाण्डव वारणावत से छिपकर चल पड़े और मार्ग में हिडिम्ब राक्षसी का वध करके वे एकचक्रा नगरी में पहुँचे ॥72॥
 
Pandavas started hiding themselves from Varanavat and after killing the demon Hidimba on the way, they reached the city of Ekachakra. 72॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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