श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 95: दक्ष प्रजापतिसे लेकर पूरुवंश, भरतवंश एवं पाण्डुवंशकी परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 57
 
 
श्लोक  1.95.57 
तेषां धृतराष्ट्रस्य पुत्राणां चत्वार: प्रधाना बभूवु:; दुर्योधनो दु:शासनो विकर्णश्चित्रसेनश्चेति॥ ५७॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र के सौ पुत्रों में से चार प्रमुख थे दुर्योधन, दुःशासन, विकर्ण और चित्रसेन।
 
Of the hundred sons of Dhritarashtra, the four chief were Duryodhana, Dushasan, Vikarna and Chitrasena.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas