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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 95: दक्ष प्रजापतिसे लेकर पूरुवंश, भरतवंश एवं पाण्डुवंशकी परम्पराका वर्णन
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श्लोक 55
श्लोक
1.95.55
स तथेत्युक्त्वा त्रीन् पुत्रानुत्पादयामास; धृतराष्ट्रं पाण्डुं विदुरं चेति॥ ५५॥
अनुवाद
"ऐसा ही होगा" कहकर उन्होंने तीन पुत्रों को जन्म दिया - धृतराष्ट्र, पांडु और विदुर। 55.
Saying "So be it", he begot three sons - Dhritarashtra, Pandu and Vidur. 55.
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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