| श्री महाभारत » पर्व 1: आदि पर्व » अध्याय 95: दक्ष प्रजापतिसे लेकर पूरुवंश, भरतवंश एवं पाण्डुवंशकी परम्पराका वर्णन » श्लोक 50 |
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| | | | श्लोक 1.95.50  | | विचित्रवीर्यश्चित्राङ्गदश्च। तयोरप्राप्तयौवन एव चित्राङ्गदो गन्धर्वेण हत:; विचित्रवीर्यस्तु राजाऽऽसीत्॥ ५०॥ | | | | | | अनुवाद | | जिनके नाम विचित्रवीर्य और चित्रांगद थे। उनमें से चित्रांगद तो युवावस्था में प्रवेश करने से पहले ही एक गंधर्व द्वारा मारा गया; परन्तु विचित्रवीर्य राजा हुआ॥ 50॥ | | | | Whose names were, Vichitravirya and Chitrangada. Out of them, Chitrangada was killed by a Gandharva before he entered his youth; but Vichitravirya became the king.॥ 50॥ | | ✨ ai-generated | | |
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