श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 95: दक्ष प्रजापतिसे लेकर पूरुवंश, भरतवंश एवं पाण्डुवंशकी परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  1.95.41 
अनश्वा खलु मागधीमुपयेमे अमृतां नाम। तस्यामस्य जज्ञे परिक्षित्॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
अंश्वने ने मगध की राजकुमारी अमृता को अपनी पत्नी बनाया, उसके गर्भ से परीक्षित नामक पुत्र उत्पन्न हुआ ॥ 41॥
 
Anshwane made Magadh princess Amrita his wife. From her womb a son named Parikshit was born. ॥ 41॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas