श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 95: दक्ष प्रजापतिसे लेकर पूरुवंश, भरतवंश एवं पाण्डुवंशकी परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  1.95.35 
हस्ती खलु त्रैगर्तीमुपयेमे यशोधरां नाम। तस्यामस्य जज्ञे विकुण्ठनो नाम॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
हस्तिनी ने त्रिगर्तराज की पुत्री यशोधरा से विवाह किया और उसके गर्भ से विकुंठन नामक पुत्र उत्पन्न हुआ ॥35॥
 
Hastini married Yashodhara, daughter of Trigartaraja and from her womb was born a son named Vikunthan. 35॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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